Amit Kapruwan

  •  ·  Parent Premium Father
  • 36 friends
  • 36 supporter
  • 1275 views

Optimist

Relationships
Empty

Holi with kids...

मतवालों को समर्पित.....

आज दिखा है अजब सा मंजर, 

धूल उड़ी है सीमा पर

कायर दुश्मन घात लगाये, 

पीठ पे खंजर घोंप गया |

यूँ तो सैनिक हर क्षण तत्पर, 

मार सके ना पंछी भी पर

किन्तु करें क्या अपना कोई, 

सिक्कों में खुद को बेच गया |

कोई अपना दाम लगाये, 

लालच में अंधा हो जाये

निम्न कोटि का दानव है जो, 

देश के हित से खेल गया |

खुल कर जो भी करे सामना, 

उसका मान न होता कम 

जो षड्यंत्रों की ढाल करे, 

अपनी पुश्तों को लील गया |

भारत के वीरों के वंशज, 

गर्वित जीवन हैं भोग रहे 

पर दुष्टों के परिवारों में, 

आशा भी नहीं ना जले दिया |

जो प्राणाहुति दे देते हैं, 

यज्ञों में देश की रक्षा के

उनके पदचिन्हों की रज को, 

है सर्वश्रेष्ठ स्थान मिला |

प्राणाहुति से भी बढ़कर, 

बलिदान कोई क्या होता है?

इस लोक का जन वो ही जाने, 

जिसका ‘अमित’ कोई बलि गया |

जय हिंद !